प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से इंतज़ार कर रहे लाभार्थियों के लिए नई सूची जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। 2026 तक के विस्तारित लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए, इस बार लिस्टिंग और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में कई तकनीकी सुधार किए गए हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
Quick Highlights: PMAY नई लिस्ट 2025-26

| मुख्य बिंदु | विवरण |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) |
| नया लक्ष्य | 2029 तक करोड़ों नए घरों का निर्माण |
| मुख्य लाभार्थी | बीपीएल परिवार, कम आय वाले समूह (LIG), और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) |
| सहायता राशि | मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख तक (ग्रामीण) |
| सत्यापन का तरीका | आधार लिंक्ड और जियो-टैगिंग आधारित |
| हेल्पलाइन नंबर | 1800-11-6446 (ग्रामीण) / 1800-11-3377 (शहरी) |
जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव: नई लिस्ट की खास बातें
इंडस्ट्री में पिछले कुछ समय से चल रही चर्चाओं पर अब विराम लग गया है, क्योंकि सरकार ने आवास योजना के अगले चरण के लिए दिशा-निर्देश स्पष्ट कर दिए हैं। नई लिस्ट में न केवल नए नाम जोड़े गए हैं, बल्कि पुराने आवेदनों की पात्रता को दोबारा परखा गया है। सरकार का ध्यान अब ‘सैचुरेशन मोड’ पर है, यानी कोई भी पात्र परिवार इस सुविधा से वंचित न रह जाए।
1. चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जियो-टैगिंग
इस बार लाभार्थियों के चयन में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है। घरों के निर्माण की प्रगति को ट्रैक करने के लिए जियो-टैगिंग (Geo-tagging) अनिवार्य कर दी गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पैसा सीधे उसी व्यक्ति के खाते में जाए जो वास्तव में घर बना रहा है।
2. पात्रता मानदंडों का पुनर्मूल्यांकन
नई लिस्ट तैयार करते समय उन लोगों को बाहर किया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान है या जो अब निर्धारित आय सीमा से ऊपर आ चुके हैं। इससे उन परिवारों के लिए जगह बनी है जो सालों से प्रतीक्षा सूची (Waitlist) में थे।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति
प्रधानमंत्री आवास योजना को दो मुख्य भागों में बांटा गया है: PMAY-G (ग्रामीण) और PMAY-U (शहरी)। दोनों ही क्षेत्रों में चुनौतियों को देखते हुए अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाए जा रहे हैं।
PMAY-G: गांवों की बदलती तस्वीर
ग्रामीण क्षेत्रों में घर के साथ-साथ शौचालय (स्वच्छ भारत मिशन), बिजली (सौभाग्य योजना) और एलपीजी कनेक्शन (उज्ज्वला योजना) को भी जोड़ा गया है। सरकार की कोशिश है कि सिर्फ एक ढांचा न खड़ा किया जाए, बल्कि एक पूर्ण आवास प्रदान किया जाए।
- किस्तों का भुगतान: राशि को तीन से चार किस्तों में सीधे बैंक खाते (DBT) के जरिए भेजा जाता है।
- महिला सशक्तिकरण: घरों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर घर की महिला सदस्य के नाम पर या संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
PMAY-U: शहरी मध्यम वर्ग को बड़ी राहत
शहरों में बढ़ती ज़मीन की कीमतों और कंस्ट्रक्शन कॉस्ट को देखते हुए, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) पर फिर से ध्यान दिया जा रहा है। मध्यम आय वर्ग (MIG) के लिए ब्याज में छूट की सीमा को समय-समय पर अपडेट किया गया है ताकि शहरी किराएदारों को अपना घर मिल सके।
खबर के पीछे का विश्लेषण: क्यों है यह योजना इतनी महत्वपूर्ण?
इस योजना का प्रभाव सिर्फ सिर पर छत देने तक सीमित नहीं है। इसका आर्थिक और सामाजिक प्रभाव बहुत व्यापक है:
- रोजगार सृजन: कंस्ट्रक्शन सेक्टर भारत में खेती के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है। करोड़ों घरों के निर्माण से ईंट, सीमेंट, सरिया और पेंट जैसे उद्योगों को गति मिलती है।
- सामाजिक सुरक्षा: एक स्थायी घर होने से परिवार की सामाजिक स्थिति में सुधार होता है और बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती: ग्रामीण इलाकों में पैसा सीधे पहुंचने से स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ती है।
नई लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
यदि आपने इस योजना के लिए आवेदन किया था, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से अपना स्टेटस देख सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले PMAY की आधिकारिक वेबसाइट (pmaymis.gov.in या pmayg.nic.in) पर लॉगिन करें।
- Stakeholder सेक्शन: ग्रामीण लिस्ट के लिए ‘IAY/PMAYG Beneficiary’ लिंक पर क्लिक करें।
- पंजीकरण विवरण दर्ज करें: अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। यदि नंबर नहीं है, तो ‘Advanced Search’ का उपयोग करें।
- राज्य और जिला चुनें: अपने राज्य, जिले, ब्लॉक और पंचायत का चयन करें।
- लिस्ट डाउनलोड करें: विवरण भरने के बाद ‘Search’ बटन दबाएं, जिसके बाद आपके क्षेत्र की पूरी लिस्ट सामने आ जाएगी।
Tip
अक्सर लोग केवल ऑनलाइन लिस्ट का इंतज़ार करते हैं, लेकिन कई राज्यों में ‘Awaas+ 2024-25’ का नया सर्वे डेटा स्थानीय पंचायतों के पास पहले आता है। मेरी सलाह है कि आप अपनी ग्राम पंचायत के ‘रोजगार सेवक’ या ‘पंचायत सचिव’ से ‘Waitlist’ (प्रतीक्षा सूची) की मांग करें। वहां आपको यह भी पता चल जाएगा कि आपका नंबर कौन सा है और अगली किश्त कब तक आने की संभावना है।
आवास योजना की नई लिस्ट का आना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक दिशा का एक बड़ा संकेत है। मेरा मानना है कि सरकार का 2029 तक इस योजना को विस्तार देना एक साहसिक लेकिन आवश्यक कदम है।
डेटा और ट्रेंड्स:
पिछले आंकड़ों को देखें तो योजना की सफलता की दर लगभग 85% रही है, लेकिन मुख्य चुनौती ‘समय सीमा’ (Timeline) को लेकर है। कई राज्यों में जमीन अधिग्रहण और स्थानीय प्रशासन की सुस्ती के कारण प्रोजेक्ट्स में देरी होती है। नई लिस्ट के साथ-साथ सरकार ने जो सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया है, वह इस देरी को कम करने में मददगार साबित होगा।
भविष्य की संभावना:
आने वाले समय में हम देखेंगे कि घरों के निर्माण में ‘ग्रीन बिल्डिंग’ कॉन्सेप्ट को जोड़ा जाएगा। साथ ही, लाभार्थियों के लिए लोन की प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाएगा। मेरा निष्पक्ष विश्लेषण यह कहता है कि यदि इस बार वेरिफिकेशन में धांधली को पूरी तरह रोक लिया गया, तो यह भारत की गरीबी उन्मूलन की दिशा में अब तक की सबसे सफल योजना बन सकती है। लाभार्थियों को सलाह है कि वे किसी भी बिचौलिये के चक्कर में न आएं, क्योंकि पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल और पारदर्शी है।
राज्य या जिले के आधार पर नई लिस्ट चेक करने की अधिक जानकारी
अगर आप अपने राज्य या जिले के आधार पर नई लिस्ट में अपना नाम देखना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया अब काफी आसान और पूरी तरह डिजिटल हो गई है। यहाँ विस्तृत जानकारी दी गई है कि आप ज़मीनी स्तर पर (State/District wise) इसे कैसे चेक कर सकते हैं:
राज्य और जिले के अनुसार लिस्ट देखने की विस्तृत विधि
चूंकि PMAY ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग डेटाबेस रखता है, इसलिए आपको अपनी जरूरत के हिसाब से नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करना होगा:
1. PMAY-G (ग्रामीण) के लिए प्रक्रिया
ग्रामीण क्षेत्रों में लिस्ट चेक करने के लिए AwaasSoft पोर्टल सबसे सटीक है:
- Step 1: आधिकारिक वेबसाइट [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर जाएं।
- Step 2: मेन्यू बार में ‘Awaassoft’ टैब पर क्लिक करें और फिर ‘Report’ विकल्प चुनें।
- Step 3: अब एक नया पेज खुलेगा। यहाँ ‘Social Audit Reports’ सेक्शन के नीचे ‘Beneficiary details for verification’ पर क्लिक करें।
- Step 4: अब आपके सामने ‘Selection Filters’ आएंगे। यहाँ आपको क्रमवार चुनाव करना होगा:
- अपना राज्य (State) चुनें (जैसे: उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान आदि)।
- अपना जिला (District) चुनें।
- अपना ब्लॉक (Block/Tehsil) चुनें।
- अपनी ग्राम पंचायत (Panchayat) का चयन करें।
- Step 5: वित्तीय वर्ष (Financial Year) में ‘2025-2026’ चुनें और योजना में ‘Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin’ को सिलेक्ट करें।
- Step 6: कैप्चा कोड भरकर ‘Submit’ करें। आपके सामने आपके गांव की पूरी लिस्ट आ जाएगी, जिसे आप PDF फॉर्मेट में डाउनलोड भी कर सकते हैं।
2. PMAY-U (शहरी) के लिए प्रक्रिया
शहरी क्षेत्रों के लिए प्रक्रिया थोड़ी अलग है क्योंकि यहाँ आधार नंबर या व्यक्तिगत आईडी की आवश्यकता होती है:
- Step 1: आधिकारिक वेबसाइट pmaymis.gov.in पर जाएं।
- Step 2: ‘Search Beneficiary’ मेन्यू पर जाकर ‘Search by Name’ या ‘Beneficiary Wise ID’ पर क्लिक करें।
- Step 3: यहाँ अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
- Step 4: यदि आपका नाम शहरी आवास योजना की लिस्ट में स्वीकृत हो चुका है, तो आपकी पूरी जानकारी (जैसे पिता का नाम, शहर और अलॉटमेंट स्टेटस) स्क्रीन पर दिखाई देगी।
यदि लिस्ट में नाम न मिले तो क्या करें?
अगर आपने आवेदन किया था लेकिन लिस्ट में नाम नहीं दिख रहा है, तो इसके तीन मुख्य कारण हो सकते हैं:
- पेंडिंग वेरिफिकेशन (Pending Verification): आपका नाम अभी ब्लॉक या जिला स्तर पर जांच प्रक्रिया में हो सकता है।
- डाटा मिसमैच (Data Mismatch): आपके आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी में अंतर होने के कारण नाम ‘रिजेक्शन लिस्ट’ में जा सकता है।
- पात्रता का अभाव: सामाजिक-आर्थिक जनगणना (SECC) के आंकड़ों के अनुसार यदि आप पात्र नहीं पाए गए हैं।
सुरेंद्र की सलाह: > “अगर ऑनलाइन लिस्ट में नाम नहीं है, तो तुरंत अपनी ग्राम पंचायत के सचिव (VDO) या नगर पालिका/नगर निगम के आवास विभाग कार्यालय में जाकर संपर्क करें। कई बार ‘Awaas+ Plus’ सर्वे की नई लिस्ट केवल स्थानीय कार्यालयों के पास ही उपलब्ध होती है।”
राज्य (State) के लिए चल रहे लेटेस्ट हेल्पलाइन नंबर या वहां के नोडल ऑफिसर की जानकारी
जैसा कि आपने कहा, मैं आपको कुछ प्रमुख राज्यों के विशिष्ट हेल्पडेस्क और नोडल संपर्क की जानकारी दे रहा हूँ। चूंकि आवास योजना का क्रियान्वयन राज्य स्तर पर अलग-अलग नोडल एजेंसियों द्वारा किया जाता है, इसलिए किसी भी समस्या या लिस्ट की विस्तृत जानकारी के लिए आप इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
प्रमुख राज्यों के हेल्पडेस्क और नोडल संपर्क
| राज्य | विभाग / एजेंसी | आधिकारिक वेबसाइट / पोर्टल | संपर्क सूत्र (Helpline/Email) |
| उत्तर प्रदेश | सूडा (शहरी) / ग्राम्य विकास (ग्रामीण) | upavp.in | 0522-2306880 / 1800-180-5336 |
| बिहार | ग्रामीण विकास विभाग | rdd.bih.nic.in | 1800-345-6215 |
| मध्य प्रदेश | नगरीय विकास एवं आवास | mpurban.gov.in | 0755-2700800 |
| राजस्थान | स्थानीय निकाय विभाग | lsg.urban.rajasthan.gov.in | 0141-2222403 |
| महाराष्ट्र | म्हाडा (MHADA) | mhada.gov.in | 022-66405000 |
नोडल ऑफिसर से संपर्क करने का तरीका
अगर आपकी समस्या का समाधान ऑनलाइन नहीं हो रहा है, तो आप हर जिले में नियुक्त ‘District Nodal Officer (PMAY)’ से मिल सकते हैं।
- कलेक्ट्रेट ऑफिस: अपने जिले के कलेक्ट्रेट (DM Office) में आवास अनुभाग (Housing Section) में जाएँ।
- शिकायत निवारण: यदि आपका नाम लिस्ट में था लेकिन काट दिया गया है, तो आप ‘Public Grievance Portal’ (जैसे UP में IGMS या केंद्र का CPGRAMS) पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- दस्तावेज़ साथ रखें: नोडल ऑफिसर से मिलते समय अपना ‘Beneficiary ID’, ‘Aadhaar Card’ और ‘Bank Passbook’ की फोटोकॉपी साथ रखें ताकि वे तुरंत आपके केस की स्थिति चेक कर सकें।
Expert Tip
अक्सर लोग केवल ऑनलाइन लिस्ट का इंतज़ार करते हैं, लेकिन कई राज्यों में ‘Awaas+ 2024-25’ का नया सर्वे डेटा स्थानीय पंचायतों के पास पहले आता है। मेरी सलाह है कि आप अपनी ग्राम पंचायत के ‘रोजगार सेवक’ या ‘पंचायत सचिव’ से ‘Waitlist’ (प्रतीक्षा सूची) की मांग करें। वहां आपको यह भी पता चल जाएगा कि आपका नंबर कौन सा है और अगली किश्त कब तक आने की संभावना है।
Complaining Letter Draft नाम कटने या देरी होने पर अपने ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) को दे
अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं आया है या किस्तों के भुगतान में बेवजह देरी हो रही है, तो आपको अपने ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) या नगर निगम के सक्षम अधिकारी को एक औपचारिक पत्र देना चाहिए।
यहाँ एक प्रोफेशनल शिकायत पत्र का ड्राफ्ट है जिसे आप अपनी जानकारी भरकर जमा कर सकते हैं:
आवेदन/शिकायत पत्र का ड्राफ्ट
सेवा में, खंड विकास अधिकारी (BDO) / अधिशासी अधिकारी (EO), [यहाँ अपने ब्लॉक/नगर निगम का नाम लिखें], [यहाँ अपने जिले का नाम लिखें]।
विषय: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की नई लिस्ट में नाम शामिल न होने / किस्त में देरी के संदर्भ में शिकायत।
महोदय/महोदया,
मैं, [अपना नाम यहाँ लिखें], निवासी [अपने गाँव/वार्ड का नाम], पंचायत [पंचायत का नाम], इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान प्रधानमंत्री आवास योजना की हालिया लिस्ट की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
मैं एक [यहाँ अपनी श्रेणी लिखें, जैसे: भूमिहीन/मजदूर/BPL कार्ड धारक] हूँ और वर्तमान में मेरा परिवार एक कच्चे/जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। मैंने इस योजना के लिए [वर्ष लिखें] में आवेदन किया था (पंजीकरण संख्या: [अपनी ID यहाँ लिखें]), लेकिन वर्तमान में जारी की गई नई लिस्ट में मेरा नाम शामिल नहीं है / मेरी अगली किस्त रुकी हुई है।
मेरे पास योजना की पात्रता के सभी आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध हैं और पूर्व में किए गए सर्वे में भी मेरी स्थिति को पात्र माना गया था। लिस्ट में नाम न होने के कारण मुझे और मेरे परिवार को स्थायी आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:
- मेरी पात्रता की दोबारा जांच (Re-verification) करवाई जाए।
- यदि कोई तकनीकी त्रुटि (Data Mismatch) है, तो उसे सुधार कर मेरा नाम नई सूची में शामिल किया जाए।
- रुकी हुई सहायता राशि को जल्द से जल्द जारी करने की कृपा करें।
इस पत्र के साथ मैं अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड की प्रति संलग्न कर रहा हूँ। आशा है कि आप इस मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित कार्यवाही करेंगे।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: ____________________ हस्ताक्षर/अंगूठा: ___________ मोबाइल नंबर: ______________ दिनांक: [आज की तारीख लिखें]
सुरेंद्र का सुझाव (Pro-Tip):
- इस पत्र की दो प्रतियाँ (Copies) करवाएं। एक जमा करें और दूसरी पर वहां के ऑफिस से ‘Received’ की मोहर या रिसीविंग नंबर जरूर लें।
- यदि 15 दिनों के भीतर कोई जवाब न मिले, तो आप इसी रिसीविंग का फोटो लेकर CM हेल्पलाइन या CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
कौन-कौन से स्पेशल सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स लगाने से आपका काम जल्दी हो सकता है?
अगर आप अपने पत्र के साथ ये सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स संलग्न करते हैं, तो आपकी फाइल अधिक मजबूत हो जाएगी और अधिकारियों के लिए इसे नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। ये दस्तावेज़ आपकी पात्रता को प्रमाणित करने के लिए ‘ठोस सबूत’ का काम करते हैं।
यहाँ उन ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची दी गई है जिन्हें आपको आवेदन पत्र के साथ स्टेपल करना चाहिए:
ज़रूरी दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Checklist)
- कच्चे मकान की फोटो: अपने वर्तमान जर्जर या कच्चे घर के सामने खड़े होकर एक फोटो खिंचवाएं (परिवार के साथ हो तो और बेहतर)। यह आपकी ज़मीनी हकीकत का सबसे बड़ा सबूत है।
- आधार कार्ड की फोटोकॉपी: सुनिश्चित करें कि आधार में आपका नाम और पता सही है।
- बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की कॉपी: जहाँ आपका अकाउंट नंबर और IFSC कोड स्पष्ट दिखे। (पैसा सीधे इसी में आएगा)।
- राशन कार्ड (BPL/Antyodaya): यह आपकी आर्थिक स्थिति (Economic Status) को साबित करने के लिए अनिवार्य है।
- जमीन का विवरण (खसरा-खतौनी/पट्टा): यदि आपके पास अपनी जमीन है या सरकार द्वारा पट्टा मिला है, तो उसका कागज़।
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): हाल ही में बना हुआ आय प्रमाण पत्र जो यह दर्शाए कि आप निर्धारित सीमा (जैसे ₹3 लाख) से कम कमाते हैं।
- शपथ पत्र (Affidavit): एक ₹10 या ₹50 के स्टांप पेपर पर यह घोषणा कि भारत में कहीं भी आपके या आपके परिवार के नाम पर कोई ‘पक्का मकान’ नहीं है।
- जियो-टैगिंग रेफरेंस (यदि उपलब्ध हो): अगर पहले कभी आपके घर का सर्वे हुआ था और फोटो खींची गई थी, तो उसकी जानकारी या आईडी।
सुरेंद्र का विशेष सुझाव (Quick Tip):
“एक बहुत प्रभावी तरीका यह है कि आप अपने ग्राम प्रधान या वार्ड पार्षद से एक छोटा सा सिफारिशी पत्र (Recommendation Letter) या अपने आवेदन पत्र पर ही उनकी मोहर और साइन करवा लें। इसमें वे प्रमाणित करेंगे कि ‘यह व्यक्ति वास्तव में पात्र है और इसका घर अत्यंत खराब स्थिति में है’। इससे प्रशासन पर दबाव बढ़ता है और आपके वेरिफिकेशन की प्रक्रिया प्राथमिकता (Priority) पर आ जाती है।”
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या इस नई लिस्ट में नाम आने के बाद तुरंत पैसा मिल जाता है?
नहीं, लिस्ट में नाम आने का अर्थ है कि आप प्राथमिक रूप से पात्र पाए गए हैं। इसके बाद स्थानीय प्रशासन (जैसे ब्लॉक ऑफिस या नगर निगम) द्वारा आपके दस्तावेज़ों और प्रस्तावित निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है। सत्यापन सफल होने के बाद ही पहली किस्त जारी की जाती है।
अगर मेरा नाम लिस्ट में नहीं है, तो क्या मैं दोबारा आवेदन कर सकता हूँ?
हाँ, यदि आप पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं और आपका नाम पुरानी या नई लिस्ट में नहीं है, तो आप अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से या ऑनलाइन आधिकारिक पोर्टल पर जाकर नया आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन के समय सभी जानकारी आधार कार्ड के अनुसार सटीक होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आय सीमा (Income Limit) क्या है?
आय सीमा को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): सालाना आय ₹3 लाख तक।
LIG (निम्न आय वर्ग): सालाना आय ₹3 लाख से ₹6 लाख के बीच।
MIG (मध्यम आय वर्ग): सालाना आय ₹6 लाख से ₹18 लाख के बीच (यह मुख्य रूप से क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी के लिए है)।
क्या इस योजना का लाभ उन लोगों को मिल सकता है जिनके पास पहले से कच्चा घर है?
हाँ, यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनके पास या तो घर नहीं है, या जो कच्चे और जर्जर मकानों में रह रहे हैं। यदि आपके पास पहले से कोई पक्का मकान (भारत में कहीं भी) है, तो आप इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।
घर बनने में कितना समय लगता है और क्या पैसा नकद मिलता है?
पैसा कभी भी नकद (Cash) नहीं दिया जाता। सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। सामान्यतः निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर पूर्ण होने तक 6 से 12 महीने का समय लगता है, जो विभिन्न किस्तों के भुगतान और निर्माण की गति पर निर्भर करता है।
क्या आवेदन के लिए किसी को पैसे देने की ज़रूरत है?
बिल्कुल नहीं। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन और नाम चेक करने की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। यदि कोई अधिकारी या बिचौलिया आपसे लिस्ट में नाम डलवाने के नाम पर पैसों की मांग करता है, तो आप तुरंत योजना के टोल-फ्री नंबर या संबंधित जिला अधिकारी (DM) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।
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