आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर एम.एस. धोनी की राय: ‘उस समय इसकी जरूरत नहीं थी’

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

महेंद्र सिंह धोनी, जो भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स के लीजेंड हैं, ने आईपीएल में लागू हुए इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। धोनी ने बताया कि जब यह नियम 2023 सीज़न से पहले लागू हुआ, तब उन्हें लगा कि इसकी कोई खास जरूरत नहीं थी।

इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर धोनी का नजरिया

धोनी ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “जब यह नियम आया, तब मुझे लगा कि इसकी जरूरत नहीं थी। एक तरह से यह मेरे लिए फायदेमंद है, लेकिन दूसरी ओर यह कोई बड़ा बदलाव नहीं लाता। मैं विकेटकीपिंग करता हूं, इसलिए मैं इम्पैक्ट प्लेयर नहीं बन सकता। मुझे हर समय खेल में शामिल रहना पड़ता है।”

धोनी की यह टिप्पणी उस समय आई है जब चेन्नई सुपर किंग्स के सपोर्ट स्टाफ पहले भी इस नियम के प्रति अपनी असहमति जता चुके हैं। इस नियम के लागू होने के बाद से ही आईपीएल में इस पर बहस जारी है।

इम्पैक्ट प्लेयर नियम से स्कोरिंग पैटर्न में बदलाव

इम्पैक्ट प्लेयर नियम के बाद से आईपीएल में बड़े स्कोर बनने की घटनाएं बढ़ गई हैं। टीमें अब 250 से ज्यादा रन तक बना रही हैं। अतिरिक्त बल्लेबाज के कारण टीमें अधिक आक्रामक होकर बल्लेबाजी कर रही हैं। हालांकि, एम.एस. धोनी का मानना है कि केवल इम्पैक्ट प्लेयर नियम ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की मानसिकता भी बड़े स्कोर के पीछे एक बड़ा कारण है।

धोनी ने कहा, “कई लोग मानते हैं कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम की वजह से हाई-स्कोरिंग मैच हो रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि इसका कारण पिच की स्थिति और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास है। अतिरिक्त बल्लेबाज होने से टीमें अधिक खुलकर खेलती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सभी अतिरिक्त बल्लेबाजों का इस्तेमाल होता है। असल में यह आत्मविश्वास और मानसिकता का मामला है। टी20 क्रिकेट में यही विकास हुआ है।”

बदलती रणनीतियों के बीच टीमों की नई सोच

धोनी ने यह भी बताया कि अतिरिक्त बल्लेबाज होने से टीमों को सुरक्षा का अहसास होता है, जिससे वे ज्यादा जोखिम लेने के लिए तैयार रहती हैं। इस आक्रामक मानसिकता के कारण 200 से ज्यादा के स्कोर भी सुरक्षित नहीं माने जाते।

उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक अतिरिक्त बल्लेबाज की वजह से नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को अपनी रणनीति में बदलाव करने की आजादी मिल रही है। अब टीमें खुलकर खेल रही हैं क्योंकि उनके पास अतिरिक्त विकल्प मौजूद हैं।”

टी20 क्रिकेट में इम्पैक्ट प्लेयर का भविष्य

धोनी के अनुसार, टी20 क्रिकेट में इम्पैक्ट प्लेयर नियम ने एक नया आयाम जोड़ा है, लेकिन खेल में सफलता के लिए मानसिकता और आत्मविश्वास सबसे अहम हैं। उनका मानना है कि जब तक टीमें अपनी रणनीतियों में लचीलापन रखती हैं, तब तक यह नियम खेल को और भी रोमांचक बनाए रखेगा।

धोनी की यह टिप्पणी क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम ने खेल की रणनीतियों को पूरी तरह बदल दिया है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Leave a Comment