बिहार के किसानों की लग गई लॉटरी! अब एक ‘Unique ID’ खोल देगी सरकारी खज़ानों के सारे दरवाज़े
दोस्तों, बिहार के गलियारों से अभी-अभी एक ऐसी बड़ी खबर आ रही है जिसने राज्य के किसानों के बीच हलचल मचा दी है। अगर आप या आपके परिवार में कोई खेती-बाड़ी से जुड़ा है, तो यह खबर आपके लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है। बिहार सरकार ने एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला है जिससे बिचौलियों का खेल खत्म होने वाला है और सीधा फायदा आपकी जेब में पहुँचने वाला है। सरकार ने ‘Bihar Farmer ID’ का ऐलान कर दिया है, और इसके रजिस्ट्रेशन भी धड़ाधड़ शुरू हो चुके हैं!
क्यों जरूरी है यह Farmer ID? (The ‘Why’ Factor)
अक्सर देखा जाता है कि सरकारी स्कीम आती तो है, लेकिन कागजी कार्रवाई और लंबी लाइनों के चक्कर में असली किसान पीछे छूट जाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा! यह यूनिक आईडी आपकी डिजिटल पहचान बनेगी। चाहे खाद-बीज पर सब्सिडी लेनी हो, खेती के औजारों पर छूट पानी हो या फिर मुसीबत के वक्त खेती का लोन, यह एक कार्ड आपके सारे काम चुटकियों में कर देगा। यानी अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने का सिरदर्द खत्म!

Quick Highlights: बिहार किसान आईडी 2026
| विवरण | खास जानकारी |
| योजना का नाम | बिहार फार्मर आईडी (Bihar Farmer ID) |
| किसने शुरू की | बिहार सरकार (Agri Stack Portal) |
| किसे मिलेगा फायदा | बिहार के सभी मूल निवासी किसानों को |
| रजिस्ट्रेशन फीस | ₹0/- (एकदम फ्री) |
| जरूरी उम्र | कम से कम 18 वर्ष |
| मुख्य दस्तावेज | आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागज |
| ऑफिशियल वेबसाइट | bhfr.agristack.gov.in |
कैसे बनेगा आपका कार्ड? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
अगर आप सोच रहे हैं कि इसके लिए किसी बाबू की मिन्नतें करनी पड़ेंगी, तो आप गलत हैं। आप घर बैठे अपने मोबाइल से भी इसे बना सकते हैं:
- सबसे पहले Agri Stack की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएँ।
- होम पेज पर आपको ‘Login As Beneficiary’ का ऑप्शन दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
- अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलेगा, जहाँ अपनी सही जानकारी भरें।
- अपने आधार, बैंक डिटेल्स और जमीन के दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।
- बस Submit बटन दबाइए और आपका काम हो गया!
आप अपनी आईडी का स्टेटस भी इसी वेबसाइट पर Check Enrollment Status के जरिए कभी भी देख सकते हैं।
हमारा नज़रिया
एक पत्रकार के तौर पर अगर मैं इस खबर का विश्लेषण करूँ, तो यह बिहार के कृषि सेक्टर में एक बड़ा ‘Digital Revolution’ है। अब तक डेटा की कमी की वजह से कई किसानों को खाद और बीज के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन इस यूनिक आईडी के आने से सरकार के पास हर किसान का सटीक रिकॉर्ड होगा।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह प्रोसेस बिल्कुल Free है। मेरी सलाह यही है कि आप किसी भी साइबर कैफे या खुद के फोन से इसे तुरंत रजिस्टर करवा लें। आने वाले समय में पीएम किसान सम्मान निधि हो या राज्य की कोई भी नई स्कीम, बिना इस आईडी के लाभ मिलना मुश्किल हो सकता है। यह कदम न केवल पारदर्शिता लाएगा बल्कि खेती को एक प्रोफेशनल पहचान भी देगा। बिहार के किसानों के लिए यह साल 2026 की सबसे शानदार शुरुआत है!