CDAC Recruitment 2026: भारत के डिजिटल भविष्य को मजबूती देने की तैयारी, तकनीकी विशेषज्ञों के लिए बड़े अवसर New

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CDAC Recruitment 2026: प्रगत संगणन विकास केंद्र (C-DAC) ने साल 2026 की अपनी पहली बड़ी भर्ती प्रक्रिया का ऐलान कर दिया है। इंडस्ट्री में पिछले कुछ समय से चल रही चर्चाओं पर अब विराम लग गया है, क्योंकि एक बड़ा अपडेट सामने आया है जो देश के आईटी प्रोफेशनल्स और रिसर्चर्स के लिए करियर के नए द्वार खोल रहा है। C-DAC, जो भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक अग्रणी आरएंडडी (R&D) संस्थान है, ने प्रोजेक्ट इंजीनियर और मैनेजर सहित विभिन्न पदों के लिए अधिसूचना जारी की है।

यह भर्ती केवल नौकरियों का एक आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि यह भारत के सुपरकंप्यूटिंग, एआई (AI) और साइबर सुरक्षा मिशन को नई गति देने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीतिक पहल है।


Quick Highlights: CDAC Bharti 2026

मुख्य विवरणजानकारी
संस्थान का नामप्रगत संगणन विकास केंद्र (C-DAC)
कुल रिक्तियां65 (वर्तमान अधिसूचना)
प्रमुख पदप्रोजेक्ट इंजीनियर, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर
आवेदन की अंतिम तिथि20 फरवरी 2026
शैक्षणिक योग्यताBE/B.Tech, ME/M.Tech, MCA, MBA (HR)
नौकरी का स्थानपुणे, पटना, गुजरात और दिल्ली
आधिकारिक वेबसाइटwww.cdac.in

पदों का विस्तृत विवरण और संगठनात्मक ढांचा

CDAC Recruitment 2026

C-DAC ने इस बार अपनी भर्ती प्रक्रिया को काफी विविधतापूर्ण रखा है। संगठन का लक्ष्य केवल तकनीकी कार्यबल को बढ़ाना नहीं है, बल्कि मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के स्तर पर भी संस्थान को आधुनिक बनाना है। वर्तमान विज्ञापन (03/02/2026) के अनुसार, 65 रिक्तियों को निम्नलिखित तरीके से विभाजित किया गया है:

  • प्रोजेक्ट इंजीनियर (19 पद): यह पद उन युवाओं के लिए है जिनके पास 2 साल का अनुभव है और जो सीधे तकनीकी समाधानों पर काम करना चाहते हैं।
  • प्रोजेक्ट मैनेजर (10 पद): अनुभवी पेशेवरों के लिए, जिनके पास 9 साल का कार्य अनुभव है और जो जटिल तकनीकी परियोजनाओं का नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं।
  • सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर (31 पद): इस भर्ती का सबसे बड़ा हिस्सा इसी पद के लिए है, जिसमें 4 साल के अनुभव की आवश्यकता है।
  • प्रोजेक्ट लीडर (02 पद): रणनीतिक तकनीकी भूमिकाओं के लिए।
  • सपोर्टिंग रोल्स: कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन असोसिएट (01) और HR असोसिएट (02) के पदों के जरिए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

पात्रता और चयन की कड़ी कसौटी

C-DAC जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में शामिल होने के लिए योग्यता के मानक काफी उच्च रखे गए हैं।

शैक्षणिक मानदंड

ज्यादातर तकनीकी पदों के लिए उम्मीदवारों के पास प्रथम श्रेणी के साथ BE/B.Tech, ME/M.Tech या MCA की डिग्री होना अनिवार्य है। कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के लिए मास कम्युनिकेशन या जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन की मांग की गई है, जो यह दर्शाता है कि संस्थान अब अपनी उपलब्धियों को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना चाहता है।

आयु सीमा और रियायत

संस्थान ने पदों की जिम्मेदारी के अनुसार आयु सीमा निर्धारित की है:

  • प्रोजेक्ट इंजीनियर के लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष है।
  • प्रोजेक्ट मैनेजर जैसे वरिष्ठ पदों के लिए इसे 56 वर्ष तक रखा गया है।
  • नियमों के अनुसार, SC/ST उम्मीदवारों को 5 वर्ष और OBC उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी।

इन-डेप्थ एनालिसिस: क्यों महत्वपूर्ण है यह भर्ती?

C-DAC की इस भर्ती को केवल एक सामान्य वेकेंसी के रूप में देखना गलत होगा। इसके पीछे कई गहरे रणनीतिक कारण छिपे हैं:

1. स्वदेशी तकनीक पर जोर (Atmanirbhar Bharat):

भारत वर्तमान में अपने स्वयं के सुपरकंप्यूटर (PARAM Series) और माइक्रोप्रोसेसर विकसित करने के मिशन पर है। इन परियोजनाओं के लिए उच्च स्तर की कोडिंग और हार्डवेयर डिजाइनिंग क्षमता की आवश्यकता होती है। प्रोजेक्ट इंजीनियर्स और मैनेजर्स की यह नई खेप इसी ‘मेक इन इंडिया’ तकनीकी विजन को धरातल पर उतारेगी।

2. डेटा सुरक्षा और साइबर डिफेंस:

बदलते वैश्विक परिदृश्य में साइबर युद्ध की चुनौतियां बढ़ी हैं। दिल्ली और पुणे जैसे केंद्रों पर इन विशेषज्ञों की तैनाती यह संकेत देती है कि सरकार सरकारी डेटा नेटवर्क और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित करने के लिए रिसर्च को प्राथमिकता दे रही है।

3. टैलेंट रिटेंशन की चुनौती:

निजी क्षेत्र (Private Sector) में भारी पैकेज के बावजूद, C-DAC का इन पदों को निकालना यह दर्शाता है कि संस्थान अब अनुभवी लोगों को आकर्षित करने के लिए अपने वर्किंग कल्चर और प्रोजेक्ट स्कोप में बदलाव कर रहा है। बिना आवेदन शुल्क के भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाना इसी रणनीति का हिस्सा है।


आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां

इच्छुक उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन की पूरी प्रक्रिया केवल ऑनलाइन माध्यम से ही संपन्न होगी।

  • अंतिम तिथि: 20 फरवरी 2026 तक आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
  • पोर्टल: उम्मीदवारों को C-DAC के आधिकारिक करियर पोर्टल careers.cdac.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा।
  • दस्तावेज: अनुभव प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता के कागजात अपलोड करते समय सटीकता का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि C-DAC की स्क्रूटनी प्रक्रिया काफी सख्त मानी जाती है।

सुरेंद्र का नज़रिया: विश्लेषण और भविष्य की राह

C-DAC भर्ती 2026 के आंकड़ों और पदों की प्रकृति को देखने के बाद मेरा मानना है कि यह भारत के तकनीकी इकोसिस्टम के लिए एक सकारात्मक संकेत है। पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा है कि C-DAC ने अपनी भर्ती के दायरे को काफी विस्तृत किया है। 2025 के अंत में आई 600+ वैकेंसी और अब 2026 की शुरुआत में ही 65 नए पदों का आना यह बताता है कि संस्थान ‘स्केलिंग फेज’ में है।

डेटा और ट्रेंड्स पर आधारित विश्लेषण:

  • अनुभव की महत्ता: इस बार फ्रेशर्स की तुलना में 2 से 9 साल के अनुभव वाले पेशेवरों पर अधिक ध्यान दिया गया है। इसका मतलब है कि C-DAC अब ‘ट्रेनिंग’ के बजाय ‘एक्ज़ेक्यूशन’ मोड में है। उन्हें ऐसे लोग चाहिए जो पहले दिन से ही जटिल प्रोजेक्ट्स को संभाल सकें।
  • भौगोलिक विस्तार: पुणे और दिल्ली के अलावा गुजरात और पटना जैसे केंद्रों पर भर्ती यह दर्शाती है कि तकनीकी विकास का विकेंद्रीकरण हो रहा है। यह स्थानीय प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा अवसर है।
  • भविष्य की संभावना: AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और Quantum Computing के क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए, आने वाले समय में इन पदों पर नियुक्त होने वाले प्रोफेशनल्स को वैश्विक स्तर के प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा।

उम्मीदवारों को मेरी सलाह है कि वे केवल अपनी तकनीकी योग्यता पर ही नहीं, बल्कि सरकारी रिसर्च प्रोटोकॉल और सिस्टम डिजाइन की अपनी समझ पर भी काम करें। C-DAC में चयन केवल इंटरव्यू पास करना नहीं, बल्कि देश के डिजिटल संप्रभुता के सफर में शामिल होना है।

C-DAC भर्ती 2026: इंटरव्यू क्रैक करने के लिए ‘प्रोफेशनल ब्लूप्रिंट’

C-DAC में प्रोजेक्ट इंजीनियर या मैनेजर बनने के लिए आपको अपनी तैयारी को तीन मुख्य स्तंभों पर केंद्रित करना होगा: कोर टेक्निकल फंडामेंटल्स, डोमेन एक्सपर्टीज और रिसर्च एप्टीट्यूड।


1. अनिवार्य तकनीकी कौशल (Must-Have Technical Skills)

C-DAC मुख्य रूप से हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) और एम्बेडेड सिस्टम पर काम करता है। आपको इन विषयों पर पकड़ बनानी होगी:

  • Advanced Programming: केवल सिंटैक्स नहीं, बल्कि C, C++, और Python में Memory Management और Multithreading की गहरी समझ।
  • Operating Systems: Linux (Kernel level knowledge) C-DAC की जान है। आपको Shell Scripting, Process Scheduling और File Systems का एक्सपर्ट होना चाहिए।
  • Data Structures & Algorithms: यहाँ ऑप्टिमाइजेशन बहुत मायने रखता है। आपको यह पता होना चाहिए कि कौन सा एल्गोरिदम कम से कम रिसोर्स का उपयोग करेगा।
  • Domain Specific: अगर आप प्रोजेक्ट मैनेजर के लिए जा रहे हैं, तो Agile Methodology और SDLC (Software Development Life Cycle) के सरकारी मानकों की जानकारी जरूरी है।

2. इंटरव्यू के संभावित तकनीकी सवाल (The Tech-Panel Round)

इंटरव्यू पैनल में अक्सर वरिष्ठ वैज्ञानिक (Scientists) होते हैं, जो रटे-रटाए जवाबों के बजाय आपकी Problem Solving क्षमता को देखते हैं।

प्रोफेशनल टिप: इंटरव्यू में किसी भी तकनीक के ‘How’ (कैसे) से ज्यादा ‘Why’ (क्यों) पर ध्यान दें।

  • सिस्टम डिजाइन: “अगर आपको एक ऐसा सिस्टम बनाना हो जो एक साथ 10 लाख डेटा रिक्वेस्ट हैंडल करे, तो आप डेटाबेस आर्किटेक्चर कैसे चुनेंगे?”
  • नेटवर्किंग: TCP/IP मॉडल्स और नेटवर्क सुरक्षा (Encryption algorithms) पर सवाल।
  • HPC/AI: “Parallel Computing और Distributed Systems में मुख्य अंतर क्या है और यह सुपरकंप्यूटिंग में कैसे मदद करता है?”

3. ‘सुरेंद्र का नज़रिया’: तैयारी की विशेष रणनीति

C-DAC का इंटरव्यू केवल आपकी डिग्री नहीं देखता, बल्कि आपकी ‘Engineering Mindset’ की परीक्षा लेता है। यहाँ कुछ विशेष सुझाव दिए गए हैं:

  1. C-DAC के मौजूदा प्रोजेक्ट्स का अध्ययन करें: इंटरव्यू पर जाने से पहले PARAM (सुपरकंप्यूटर), ई-सुश्रुत (e-Sushrut), और नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के बारे में जरूर पढ़ें। पैनल यह देखता है कि आप उनके मिशन के प्रति कितने गंभीर हैं।
  2. अनुभव को प्रोजेक्ट्स से जोड़ें: यदि आपके पास 2-9 साल का अनुभव है, तो अपने पिछले प्रोजेक्ट्स के ‘Challenges’ और आपने उन्हें कैसे हल किया, इसका एक पोर्टफोलियो तैयार रखें।
  3. रिसर्च पेपर और प्रकाशन: यदि आपने कोई तकनीकी पेपर पब्लिश किया है या किसी जटिल रिसर्च का हिस्सा रहे हैं, तो उसे अपने सीवी में हाईलाइट करें। C-DAC एक आरएंडडी (R&D) संस्थान है, इसलिए यहाँ शोध की मानसिकता को बहुत महत्व दिया जाता है।

4. इंटरव्यू चेकलिस्ट (महत्वपूर्ण बिंदु)

  • [ ] Technical Mock Drills: अपनी कोर भाषा (Core Language) में कोडिंग का अभ्यास करें।
  • [ ] Project Documentation: अपने पुराने प्रोजेक्ट्स की बारीकियों को रिवाइज करें।
  • [ ] Government Norms: C-DAC जैसे संस्थानों में काम करने के प्रोफेशनल एथिक्स और प्रोटोकॉल्स को समझें।

C-DAC 2026 की यह भर्ती आपके करियर को एक नई ऊँचाई दे सकती है, बशर्ते आपकी तैयारी ‘साइंटिफिक एप्रोच’ के साथ हो।

C-DAC 2026: पद-विशिष्ट स्टडी प्लान और इंटरव्यू गाइड

भाग 1: प्रोजेक्ट इंजीनियर (Project Engineer) – ‘The Technical Specialist’

इस पद के लिए पैनल आपकी कोडिंग एफिशिएंसी और लॉजिक को परखेगा।

मुख्य फोकस क्षेत्र (Weekly Breakdown):

  • Week 1 (Linux & Systems): C-DAC में 90% काम Linux एनवायरमेंट पर होता है। IPC (Inter-Process Communication), Semaphores, और Socket Programming का गहराई से अभ्यास करें।
  • Week 2 (Data Structures – Advanced): केवल बेसिक नहीं, बल्कि B-Trees, Red-Black Trees और Graph Algorithms पर ध्यान दें जो बड़े डेटा को मैनेज करने में काम आते हैं।
  • Week 3 (Domain Specific – AI/Cloud): अगर आप AI या क्लाउड प्रोजेक्ट्स के लिए चुने जाते हैं, तो Docker, Kubernetes और PyTorch/TensorFlow के डिप्लॉयमेंट मॉडल को समझें।

मॉक इंटरव्यू सवाल (Technical):

  1. “एक मल्टी-कोर प्रोसेसर में ‘Race Condition’ को रोकने के लिए आप Mutex और Semaphore में से किसे चुनेंगे और क्यों?”
  2. “C-DAC के ‘PARAM’ सुपरकंप्यूटर में पैरेलल प्रोसेसिंग के लिए किस तरह के फाइल सिस्टम का उपयोग किया जाता है?”
  3. “मेमोरी लीक (Memory Leak) को ट्रैक करने के लिए आप किन टूल्स का इस्तेमाल करते हैं?”

भाग 2: प्रोजेक्ट मैनेजर (Project Manager) – ‘The Strategic Leader’

यहाँ आपकी तकनीकी समझ के साथ-साथ निर्णय लेने की क्षमता (Decision Making) की परीक्षा होगी।

मुख्य फोकस क्षेत्र:

  • Stakeholder Management: सरकारी प्रोजेक्ट्स में कई विभागों के साथ तालमेल बिठाना होता है। इसके लिए अपनी ‘Communication Strategy’ तैयार रखें।
  • Resource Optimization: कम बजट और सीमित समय में बड़े आरएंडडी (R&D) प्रोजेक्ट्स को कैसे डिलीवर किया जाए?
  • Risk Mitigation: अगर कोई क्रिटिकल रिसर्च फेल होती है, तो आपका ‘Plan B’ क्या होगा?

मॉक इंटरव्यू सवाल (Management):

  1. “यदि किसी प्रोजेक्ट की डेडलाइन पास है और आपकी टीम का मुख्य डेवलपर बीच में प्रोजेक्ट छोड़ देता है, तो आपकी रिकवरी स्ट्रेटजी क्या होगी?”
  2. “C-DAC के रिसर्च प्रोजेक्ट्स और प्राइवेट सेक्टर के कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के मैनेजमेंट में आप क्या अंतर देखते हैं?”
  3. “भारत के ‘National Supercomputing Mission’ में अगले 5 साल के लिए आपकी विजनरी लीडरशिप क्या होगी?”

मेरा नज़रिया (Analysis): सफलता का ‘सीक्रेट कोड’

C-DAC का इंटरव्यू बोर्ड अक्सर ऐसे उम्मीदवारों को पसंद करता है जो ‘Solution Oriented’ होते हैं। मेरा विश्लेषण कहता है कि 2026 में C-DAC मुख्य रूप से Cyber-Physical Systems और Quantum Computing पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

मेरी विशेष सलाह:

  • Current Affairs: भारत सरकार की नई ‘National Quantum Mission’ और ‘AI Expansion’ नीतियों को ज़रूर पढ़ें। इंटरव्यू में इनका ज़िक्र आपके वजन को बढ़ा देगा।
  • Project Portfolio: अपने सीवी (CV) में उन प्रोजेक्ट्स को टॉप पर रखें जिनमें आपने ‘Innovation’ या ‘Optimization’ किया हो। C-DAC को केवल काम करने वाले नहीं, बल्कि समस्याओं को हल करने वाले इंजीनियर चाहिए।

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